रलदू बनाम बीरमती
रलदू के घरां बी लैक्शनां की चर्चा थी अक कूण जीत्या अर कूण हारया? रलदू की घर आली बीरमती नै बात बातां मैं कहया अक बंगाल मैं कामरेडां नै झंडे गाड़ दिये। छटी बरियां फेर जीतगे। रलदू कै तो तेल किसे छींटे लागगे। कसूता छोह मैं आकै बोल्या अक तेरे तै कई बै कैहली सै तूं इन कामरेडां का नाम मतना लिया कर। एक बर तो बीरमती डर सी गई फेर वा भी पाला पकड़गी। बोली के बात? के कमी सै इन कामरेडां मैं? हवाला कांड मैं इनका नाम था के? रलदू बोल्या - ये तो धोरे कै बी कोण्या गये हवाला कांड कै। इनका के ब्यौंत था। घणे डरपोक सैं ना ये तै। बीरमती - फेर इनका नाम तहलका काण्ड मैं आरया सै के? रलदू ना तहलका काण्ड मैं भी कोण्या आरया। कोए बी ना दीख्या इन मां तैं तो। बीरमती किसे बी काण्ड मैं इनका नाम आया हो? रलदू नै खूबै सिर खुजाया फेर किसे बी काण्ड मैं किसे बी कामरेड का नाम कोणी पाया उसनै। बीरमती नै होंसला करके बूझया। ये कामरेड घड़ी चोर सैं के? रमलू बोल्या ना। बीरमती थोड़ी सी और होंसले मैं आई अर बोली - किसे और केस मैं इनपै भ्रष्टाचार के मुकदमे चालरे सैं कै? रलदू - ना भ्रष्टाचार के मुकदमें बी कोण्या चाल रे। बीरमती - ये कामरेड झूठे सैं के? रलदू खीज सी कै बोल्या - ना झूठे बी कोण्या। बीरमती की आवाज ऊंची होती गई अर बोली - ये देश तै गद्दारी करण आले सैं के? रलदू - ना ये तै देश पै ज्यान कुर्बान करणियां सैं। बीरमती पै रहया नहीं गया अर वा जोश मैं आकै बूझण लाग्गी झूठ ये बोलैं ना, चोरी ये करते ना, भ्रष्टाचारी ये ना, किसे बी काण्ड मैं इनका नाम कोण्या, तो फेर तेरै तेल किसे छींटे क्यूं लागैं सैं? रलदू चुप होग्या। दिमाग पै बहोत जोर दिया अक कोए तै खोट ढूंढै कामरेडां मै। लिकड़े की गेल्यां धरती नै कुरदें गया। फेर एकदम बोल्या - गांधी कै गोली इन कामरेडां नै मारी थी। बीरमती हंस पड़ी अर बोली - तनै इतना बी न बेरा अक गांधी कै गोली किसनै मारी थी। नाथू राम गोडसे का नाम सुण्या सै ना, उसनै गोली मारी थी गांधी कै अर यो गोडसे आर.एस.एस. का माणस बताया। रलदू पै कई मटके पाणी सा पड़ग्या। फेर थोड़ी सी वार मैं बोल्या - चाहे तूं और किसे की बी बड़ाई करले पर इन कामरेडां की बड़ाई मत करया कर। मनै ये कती आच्छे नहीं लागते। म्हारला नेता कहवै था अक इन कामरेडां कै घर परिवारै ना होन्ता। ये मां नै मां अर बाहण नै बाहणै कोण्या मानते। बूढ़यां कै बतावैं सैं गोली मरवादें सैं। इसे माणसां नै तो सूली पै लटकादे। बीरमती सैड़दे सी बोली - आज ताहिं किसे कामरेड का नाम बलात्कार करणियां मैं पढ़या सै। रलदू नै दिमाग पै जोर मारया अक अखबारां की खबरां मैं कदे कोए नाम आया हो फेर कोण्या पाया। बीरमती बोली - बूढ़यां का बहोत मान सम्मान करैं सैं ये अर औरत नै बराबर का इंसान मानैं सैं। थारे बरगे कोण्या ये। तनै बेरा सै अक नहीं? रलदू बोल्या - मनै के बेरा? बीरमती - ना बेरा तै फेर क्यों सूधा लीतरां इनके सिर पै चढ़रया सै। रलदू फेर चुप। छोह मैं आकै बोल्या - कुछ भी हो मनै इन कामरेडां का नाम आच्छा नहीं लागता। बीरमती क्यों ना लागता न्यों तै बताना ए पड़ैगा। बहोत दिन तनै मैं भी अंधेरे मैं राखली। रलदू - ये दो खूड बचरे सैं जै ये आगे तो इननै बी खोस लेंगे। बीरमती ईब तो कामरेडां का राज कोण्या आड़ै तो घणखरां के खूड ईब किसनै बैंकां मैं धरवा दिये। अर दो किले आले के कित खूड खोसे बता। बंगाल मैं इतनी धरती बांटी सै। जितनी पूरे देश में नहीं बांटी। थोड़ी धरती आल्यां धोरै धरती नहीं खोसी बडै़ की। रलदू - क्यों झूठ भकावै सै धरती खोसनिया धरती क्यूकर बाटैगा? बीरमती - या तै थारी सरकार बी मानै सै अक उड़ै धरती बंटी सै। कै तो इनमैं दोष बता अर ना मेरी बात मानले इन कान्ही देखण लाग ईब तै।
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