घपड़ चौथ
जीते सूरते नै बोल्या अक आज कै दिन कोए बात समझै मैं ना आकै देन्ती अक के होवण लागरया सै? पहलम आली बात रही ना नई बातां के सिर पां का बेरा ना। बताओ इसे मैं माणस करै तो के करै? सूरता बोल्या अक रै जीते ईब बीसवीं सदी खत्म होली अर ईक्कसवीं शुरु हो ज्यागी सात म्हिने मैं। जमाना तो घणा बदल ग्या अर हम उड़ै ए खड़े सां। जीता बोल्या अक भाई थोड़ा घणा हमनै भी तो बतादे। सूरता बतावण लाग्या अक दुनिया मैं कारखान्यां का विकास जड़ै पहोंचग्या उड़ै जाये पाछै वैश्वीकरण होणा तो लाजमी सै। जीता बोल्या इस वैश्वीकरण का के मतलब सै भाई? सूरता बोल्या इसका मतलब सै अक सारी दुनिया का एक गाम बण ज्याणा। ये देशां की सीम स्याम सब टूट ज्यांगी। इस वैश्वीकरण नै एक चाला और कर दिया अक यू जो गाम बणया इसके कायदे कानून इसे बणा दिये अक वे इसनै घणेदिन बसण कोण्या देवैं। ज्यां करकै वैश्वीकरण का यू माडल तो घणा सत्यानाशी बताया अक इसनै अमीर और अमीर बणा दिया अर गरीब और गरीब कर दिया। इस ढाल के विकास तै गहरा अर सर्वनाशकारी संकट का दौर शुरु हो लिया सै जो भारी सामाजिक अर इंसानी कीमत मांगैगा।
तो फेर इसतै बचण का के राह हो भाई सुरते, जीत सिंह नै बूझी। जिसकी पांचों घी मैं सैं ओ तै न्यूं चाहवैं सैं अक या घपड़ चौथ न्यौंए माची रहवै। उननै एक मुहावरा टोह्या सै टीना सिन्ड्रोम का। जीते फेर बोल्या - यू टीना सिन्ड्रोम के बला सै भाई? सूरता बोल्या - इसका मतलब सै देयर इज नो आलटरनेटिव। जीता - माड़ी सी और खोल कै बता बात पकड़ मैं आई नहीं। सूरता बोल्या - जो ईब होण लागरया सै इसका कोए विकल्प नहीं। यू विकास तो इसे ढालां ए होवैगा अर अमीर और अमीर होन्ता जागा अर गरीब और गरीब होन्ता जागा। या बात इन अमीरां नै सबकै जंचा दी अर म्हारे बरगे गरीबां कै भी जंचगी अर हम भी न्यों कैहवण लाग गये अक हमाम मैं सब नंगे हो लिये भाई ईब के हो सकै सै? जीत सिंह नै बूझ्या - तो तेरा के मतलब सै सूरते अक ईबी किमै हो सकै सै? सूरते बोल्या - इतिहास गवाह सै भाई जीते अक इन गरीबां नै इसे संकट के दौर मैं नई दुनिया का सर्जन करया सै। इननै इसा संसार बणावण की कोशिश करी सै जित इन्सानां का अर कुदरत का तालमेल सही हो फेर कुछ लालची अर अमीर लोग आकै भांझी मार देवैं सैं। ईबी न्यारे ढंग तै गरीबां नै इस अमानवीय विकास अर इसतै पैदा होवण लागरे सत्यानास का मुकाबला करना पड़ैगा। जीत सिंह बोल्या - जिब हमनै सारी बातां का बेरा ए कोण्या तो हम मुकाबला क्यूकर कर सकां सां? सूरता बोल्या - इन सारी बातां का बेरा तो लाणा ए पड़ैगा अर जै नहीं बेरा पाड्या तो ज्यूकर म्हारे बाप दादा मर खपगे हम भी मर खप ज्यांगे।
इक्कीसवीं सदी का दौर घणा कसूता दौर रहवैगा। इस मैं नये नये रणनीति के टीके तैयार करे जावैंगे अमीरां कान्ही तै अर गरीबां नै इसकी रोक के (प्रतिरोध की ताकत बधावण) आले टीके तैयार करने पड़ैंगे। नई अर उन्नत तकनीक का हुनर बीसवीं सदी का ब्रह्मास्त्र था फेर ईब मैन पावर के मायने बदलैंगे। संख्या के हिसाब तै काम के तौर तरीके खत्म हो ज्यांगे। ईब क्वालिटी का जमाना आवैगा। सारे कै क्वालिटी का रूक्का पड़ैगा। एक माणस जै बारह माणसां तै फालतू गुणवत्ता देवै सै तो इन बारां की सैड़ दे सी छुट्टी करी जागी। इनका अर इनके बालकां का के होगा इसकी चिन्ता का कोए मतलब नहीं रहवैगा। इस गुणवत्ता आले माणस की दक्षता बढ़ावण ताहिं ट्रेनिंग का और सब क्याहें का इन्तजाम करया जागा। यू पंूजी का खेल सै। पूंजी अपणे पूरे जोबन पै आकै खेल खेलैगी अर गरीबां कै फांसी लावैगी अर अमीरां की चाकरी करैगी। इसतै मुक्ति का रास्ता तो गरीबां नै खोजना ए पड़ैगा। या दुनिया के बेजुबानां की, दुनिया के गरीबां की, दुनिया के शरीफां की, दुनिया के ईमानदारां की जरूरत सै वरना महासागर मैं धकेल दिये जावण का खतरा रोज बढ़ता जावण लागरया सै। जीते बोल्या - रै सूरते तनै तो मैं कसूता डरा दिया। तेरे कहवण का मतलब तै यू होग्या अक जिसकी लाठी उसकी भैंस आला बख्त हटकै आवैगा। जिसका ब्यौंत सै ओ ऐश करैगा अर बाकी घिसड़ैंगे। सूरता बोल्या - बस न्यों ए समझले जीते अक इक्कीसवीं सदी का मूल मंत्र - ‘सरवाइवल आफ दि फिटेस्ट’ होन्ता दीखै सै अर यो मूल मंत्र गरीबां की गोभी जरूर खोदैगा। गरीबां नै बख्त रैहवन्ते राजनीतिक भ्रष्टाचार की, अमानवीयकरण की, अत्याचार की अर पर्यावरण प्रदूषण करण आल्यां की गोभी खोदनी पड़ैगी। जीते बोल्या - पर इन सारी बातां नै एक लड़ी मैं पिरोकै, इसी भाषा बणाकै अक सबकै समझ मैं आज्या जनता ताहिं कूण ले ज्यागा? सूरता बोल्या हमनै हरेक फ्रंट पै संघर्ष के नये-नये हथियार घड़ने होवैंगे अर इस खातर सबतै जरूरी हथियार सै विचार का। इन अमीरां का सबतै बड्डा हमला म्हारे इस विचार पै सै। टी.वी. के चैनल इस मामले मैं अमीरां के हथियार सैं अर म्हारा विचार इननै म्हारे तै खोस लिया अर पूरी घपड़ चौथ मचा कै धरदी। हमनै अपने हक के विचारां के घणे पैने हथियार घड़णे होंगे अर अपणा विकल्प तैयार करना होगा।
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