सत्ते नफे कविता सविता अर सरिता धापां ताई की बैठक मैं शनिवार की साँझ कै फेर कठ्ठे होंगे | नफे का मुँह किमै उतरया उतरया सा था | सत्ते बोल्या -- के बात नफे आज किमै ढीला ढीला सा नजर आवै सै ? कविता --इतना उदास तो तूँ कदे बी कोण्या देख्या | बस कविता का तो नयों कहना था अर नफे तो फफक फफक कै रो पड़या | सारे हैरान अक या के बणी ? फत्ते बोल्या -- भाई नफे बात बता किमैं तो जी हलका होवैगा | नफे बोल्या -- के बताऊँ बूझै मतना | ओ छोटना भाई नहीं सै सज्जन उसनै पुलिस पकड़ कै लेगी अर उसकी बहोत पिटाई करी | सरिता बोली-- बिना बात पुलिस नै पिटया या तो माड़ी बात सै नफे | बिन बात पुलिस क्यों पीट्टण लागी ? ,नफे बोल्या--ओ सज्जन अपनी बुआ कै जारया था माछरौली | उड़ै म्हारी बुआ का छोरा सै श्यामलाल उसपै गाम आल्यां नै इलजाम ला राख्या था अक पड़ौस की गोसाइयाँ की छोरी भजा लेग्या श्यामलाल | सरिता बोली -- गाम की गाम मैं यू काम बहोत माड़ा करया श्यामलाल नै | नफे बोल्या -- फेर आगै तो इसतैं भी माड़ी बात हुई | सत्ते बोल्या-- के बात हुई? नफे-- श्यामलाल के बाबू गणेशी नै अर श्यामलाल के छोटे भाई नै अर मेरले भाई सज्जन नै पुलिस पाकड़ कै लेगी | थानेदार नयों कहवै था अक इनकी मिलीभगत तैं भजा कै लेग्या सै श्यामलाल छोरी नै | सरिता-- जिसकी छोरी चाली गई वो फ़िक्र तो करैएगा अर नयों भी चाह्वैगा अक वा तावली सी पाज्या |
कविता -- श्यामलाल की उम्र कितनी सै ? नफे बोल्या -- 21 -22 बतावैं सैं | कविता के मुँह तैं एकदम लिकड़ग्या जिब मियां बीबी राजी तो के करैगा काज्जी | नफे -- ले मनै राम की सूँह सज्जन नै कटी नहीं बेरा उनका अक चाले गए |
सविता -- फेर पुलिस आले उणनै क्यों पकड़ कै लेगे ? नफे -- पूछ ताछ खातर थाणे मैं बुलावैं तो देखी जा | थानेदार नै तो म्हारा फूफा उन बाळकां कै साहमी उघाड़ा करकै पुलिसिया पिटाई करी छिक कै | बालक बोले तो वे दोनूं भी धुन दिए अच्छी तरियां | नफे -- जब उपरले अफसरां धोरै गए तो उणनै भी सीधे मुँह बात कोण्या करी | उणनै अपने निशान दिखाए पिटाई के अर थानेदार के खिलाफ कार्यवाही की मांग करी | फेर गाम का सरपंच अर और पांच छह छटैल एसपी कै जा पेश हुए थानेदार के हक़ मैं | एसपी भी करै तो के करै ? सत्ते -- एसपी नै तो सही बात की तरफदारी करनी चाहिए थी | सविता -- ईब पहलम आले अफसर कड़ै रैहरे सैं | नफे -- उनका मैडीकल करवावण खातर भी कोर्ट की शरण मैं जाना पड़या | डॉक्टरां नै भी कई बै मसकौड़े से मार कै पर्चा काटया | परचा कटग्या तो पुलिस आलयाँ नै केस दर्ज नहीं करया | उल्टा पुलिस नै दूसरी ढालां का दबाव और बनाना शुरू कर दिया | ईब पुलिस कै खिलाफ इस्तगासा करां तो फूफा का इतना ब्योंत कोन्या पीस्याँ का |
ऊपर तैं गाम की इज्जत कै बट्टा लावण के नाम पै रोज गाम मैं पंचायत होवण लागरी सैं | पंचायत नै कह्या अक कै तो छोरे छोरी नै इनके माँ बाप पेश करैं नहीं तो इनका होक्का पाणी बंद | कविता- नफे जनवादी महिला समिति का बी किमै ब्यान था अक जै बालिग छोरा छोरी सैं अर जै वे अपने हिसाब तैं ब्याह करकै रैहना चाहवैं सैं तो भारत का संविधान इसकी इजाजत देवै सै तो गाम आलयाँ नै बीच मैं रोड़ा नहीं बनना चाहिये |
नफे -- समिति आली बहनजियां करकै तो उनका मैडीकल का परचा बणया ना तो हमनै के रह पावै था | भला हो उनका | फेर गाम आले ये पंचायती तो उनकै भी खिलाफ होरे सैं | सत्ते -- लुहार के छोरे नै अर गोसाईं की उसे गाम की छोरी नै साथ रैहवन का मन बना लिया तो इसपै कई सवाल खड़े होंसें | इन सवालों पै बहस होनी चाहिए अर उनके खिलाफ पंचायत जै कानून अपने हाथ मैं लेवै सै तो प्रशासन नै हरकत मैं आणा चाहिए | पुलिस नै बेकसूरों की पिटाई करी उसपै पुलिस कै खिलाफ एक्शन हो अर छोरा छोरी ताहिं प्रशासन नै सुरक्षा देनी चाहिए | कदे वे रेल तलै कट्टे पावैं |
खूंटा ठोक उर्फ़ रणबीर
कविता -- श्यामलाल की उम्र कितनी सै ? नफे बोल्या -- 21 -22 बतावैं सैं | कविता के मुँह तैं एकदम लिकड़ग्या जिब मियां बीबी राजी तो के करैगा काज्जी | नफे -- ले मनै राम की सूँह सज्जन नै कटी नहीं बेरा उनका अक चाले गए |
सविता -- फेर पुलिस आले उणनै क्यों पकड़ कै लेगे ? नफे -- पूछ ताछ खातर थाणे मैं बुलावैं तो देखी जा | थानेदार नै तो म्हारा फूफा उन बाळकां कै साहमी उघाड़ा करकै पुलिसिया पिटाई करी छिक कै | बालक बोले तो वे दोनूं भी धुन दिए अच्छी तरियां | नफे -- जब उपरले अफसरां धोरै गए तो उणनै भी सीधे मुँह बात कोण्या करी | उणनै अपने निशान दिखाए पिटाई के अर थानेदार के खिलाफ कार्यवाही की मांग करी | फेर गाम का सरपंच अर और पांच छह छटैल एसपी कै जा पेश हुए थानेदार के हक़ मैं | एसपी भी करै तो के करै ? सत्ते -- एसपी नै तो सही बात की तरफदारी करनी चाहिए थी | सविता -- ईब पहलम आले अफसर कड़ै रैहरे सैं | नफे -- उनका मैडीकल करवावण खातर भी कोर्ट की शरण मैं जाना पड़या | डॉक्टरां नै भी कई बै मसकौड़े से मार कै पर्चा काटया | परचा कटग्या तो पुलिस आलयाँ नै केस दर्ज नहीं करया | उल्टा पुलिस नै दूसरी ढालां का दबाव और बनाना शुरू कर दिया | ईब पुलिस कै खिलाफ इस्तगासा करां तो फूफा का इतना ब्योंत कोन्या पीस्याँ का |
ऊपर तैं गाम की इज्जत कै बट्टा लावण के नाम पै रोज गाम मैं पंचायत होवण लागरी सैं | पंचायत नै कह्या अक कै तो छोरे छोरी नै इनके माँ बाप पेश करैं नहीं तो इनका होक्का पाणी बंद | कविता- नफे जनवादी महिला समिति का बी किमै ब्यान था अक जै बालिग छोरा छोरी सैं अर जै वे अपने हिसाब तैं ब्याह करकै रैहना चाहवैं सैं तो भारत का संविधान इसकी इजाजत देवै सै तो गाम आलयाँ नै बीच मैं रोड़ा नहीं बनना चाहिये |
नफे -- समिति आली बहनजियां करकै तो उनका मैडीकल का परचा बणया ना तो हमनै के रह पावै था | भला हो उनका | फेर गाम आले ये पंचायती तो उनकै भी खिलाफ होरे सैं | सत्ते -- लुहार के छोरे नै अर गोसाईं की उसे गाम की छोरी नै साथ रैहवन का मन बना लिया तो इसपै कई सवाल खड़े होंसें | इन सवालों पै बहस होनी चाहिए अर उनके खिलाफ पंचायत जै कानून अपने हाथ मैं लेवै सै तो प्रशासन नै हरकत मैं आणा चाहिए | पुलिस नै बेकसूरों की पिटाई करी उसपै पुलिस कै खिलाफ एक्शन हो अर छोरा छोरी ताहिं प्रशासन नै सुरक्षा देनी चाहिए | कदे वे रेल तलै कट्टे पावैं |
खूंटा ठोक उर्फ़ रणबीर






























































































