रविवार, 8 दिसंबर 2019

कम्पीटीशन बेशर्मी का

कम्पीटीशन बेशर्मी का
कम्पीटीशन तै बड़े-बड़े देखे अर सुणे पर इस बबाल का नाम कदे नहीं सुण्या था। रागनी कम्पीटीशन, ब्यूटी कम्पीटीशन, पी.एम.टी. कम्पीटीशन तै खूब मशहूर हुए अर इन कम्पीटीशनां की देखा-देखी म्हारे देश के नेतावां नै बेशर्मी का कम्पीटीशन बी शुरू कर दिया दिल्ली मैं। टीवी पै इसका सीधा प्रसारण होवै सै अर जनता बिचारी नै चुपचाप हो कै देखणा पड़रया सै। रागनी कम्पीटीशन मैं तै कोए रागनी आच्छी ना लागै तै हू हू करकै गावणियां नै जनता बिठा बी दे, पर इन फूफ्या का के करै? बेशर्मी के ट्रेलर तै पहलड़े नेता बी दिखा दिया करते कदे कदे पर वे शर्मा बी तावले से जाया करते। फेर इस एक साल मैं ईब आली सरकार नै तै सारी ए शर्मोहया खूंटी पै इतनी ऊंची टांग दी अक कोए तारना चाहवै तो भी नहीं तार सकदा। इसनै घणे कसूते अवतार दिये सैं। तखत की गेल्यां इन अवतारां के नाम बी बदल ज्यां सैं। किसे बख्तां मैं मतलब त्रेता, द्वापर कै सतयुग मैं जिन ताहिं अवतार कह्या जाया करता उनै ताहिं इस कलयुग मैं नेता कै मंत्री कह्या जा सै।
पहली हद तै इसे मैं होली अक अटल जी की हर बखत हिलती रहवण आली सरकार ताहिं बड़ी बेशर्मी तै स्थाई सरकार कह्या जान्ता रहया पूरे साल अर इब मूंधे मूंह पड़े पाछै बी काटकड़ तार कै गेर दिया इस स्थायित्व पै। ईब ताहिं के सबतै निकम्मे प्रधानमंत्री ताहिं सबतै काम्मल प्रधानमंत्री बतावण की बेशर्मी अर देश का भट्ठा बिठावण आली सरकार ताहिं देश नै मजबूत करण आली सरकार का तमगा देवण की बेशर्मी। या सरकार पाछे सी कितनी बेशर्मी तै प्याज नै चाब गी थी अर एक बी आंसू नहीं आया था। उस पाछै कितनी बेशर्मी तै पेटैंट बिल पास कराया अर उसतै भी घणी बेशर्मी गेल्यां प्रसार भारती का भट्ठा बठा दिया। जितनी बेशर्मी तै बिहार सरकार गिराई उसतै घणी बेशर्मी तै वाह बहाल करदी। सुन्दर सिंह भंडारी हटाया जागा का बयान दाग दिया अर फेर बोले अक कोनी हटाया जावै अर आखिर मैं उसका तबादला कर दिया। वाह रै आडवाणी साहब थारा बेशर्मी मैं कोए मुकाबला कोण्या। इस बेशर्मी के कम्पीटीशन मैं जार्ज साहब एक दो राउण्ड मैं ढीले रैहगे तै उननै भी कमर कस ली अर सबतै आगै रहवण की खातर एडमिरल विष्णु भागवत कै जा खस्या अर ओ बर्खास्त कर दिया। सिलसिला जारी सै। सरकार पड़े पाछै बी जारी सै अर विपक्ष की जै सरकार बनगी तो भी जारी रहवैगा। जै या सरकार हटकै आज्या तै इसका नाम बेशर्म जयते होणा चाहिए। इसका नारा जय जवान, जय किसान जय विज्ञान जीसे थोथे नारे की जगां कोए ठोस नारा जय बेईमान, होणा चाहिए।
ईसा लागै सै अक जै या सरकार हटकै आगी तै सारे कै बेशर्मी के कम्पीटीशन शुरू करवा देगी अर इन बेशर्मां ताहिं पदमश्री अर पद्मभूषण के खिताब दिया करैगी। फेर तै पाले, सतबीर, बाली, रणबीर, राजेंद्र खरकिया, सरिता चौधरी ये सबै भूखे मर्या करैंगे।
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