सोमवार, 23 जून 2025

गन्ना

1 गन्ने की न्यूनतम कीमत 400 रूपये प्रति क्विंटल लागू किया जाये ।
2  चुनि मीलों के पास गन्ना  किसानों के बकाया का तत्काल भुगतान किया जाये ।
3  गन्ने के बकाया का भुगतान प्रतिवर्ष " 1966 के शुगर कंट्रोल एक्ट " द्वारा किया जाये
4 कृषि क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर रोक लगाई जाये ।
5 तमाम उपभोक्ताओं को राशन की दुकानों द्वारा सस्ते पर चीनी की आपूर्ति की जाये ।

इन मांगों के लिए किसानों को संसद पर मार्च करना पड़ा ।  मगर सुनने वाला कोई नहीं । मेरा देश महान ।


बोलेंगे तो बोलेंगे बोलता भी है

नोटबंदी से काले धन का जड़ से सफाया किया जायेगा ।  मदद करो ।  कितना सही ?

गीता पाठ

यह गीता का पाठ तो टाटा  जी  अडानी जी अम्बानी जी को सिखाने की  जरूरत है कि बिना फल की चिंता किये भी एकाध काम कर लिया करें । 

अदानी

यह गीता का पाठ तो टाटा अडानी अम्बानी 

किसान

संसद पर विशाल किसान संघर्ष रैली का यह एलान 
विश्वाश्घात का माकूल जवाब देगा मजदूर किसान 

ब्याह

ब्याह 
बात या सै अक एक गरीब परिवार था। मां-बाप, एक बेटा दो बेटी। गाम मैं मजदूरी करकै, भैंस का दूध बेच कै अर छह बीघे धरती बाधे पै ले कै बहोत मुश्किल तै गुजारा करैं थे। छोरा ब्याहवण जोगा होग्या। फेर एक तो लड़की मिलना ए मुश्किल काम अर दूसरे ब्याह की खातर खर्चा पानी करने को पैसे नहीं। कई रिश्तेरियां की सिफारिश करकै छोरी पाई थी। कई जगां ब्याज पै 10,000 रुपइये लेवण गया फेर उसकी माड़ी माली हालत देख कै गाम मैं कोए भी तैयार नहीं हुया पीस्सा ब्याज पै देवण नै। एक बर तो ब्याह की तारीख बी आगे नै डिगावनी पड़ी भाई नै। मां न्यारी परेशान। बाबू न्यारा दुखी। करै तो के करै? फेर तारिख धर दी   10 नवम्बर की ।  8 नवम्बर नै फेर पवाड़ा होग्या ।  के करै ? सारे कै  घूम आया फेर कोणी बैठ्या जुगाड़ ।  फेर तारिख डीगाई सै ।  धरी नहीं सै , बाट देखै सै हालात ठीक होवण की । 

हमनै के पड़ी ???
कमलू कै दो किल्ले धरती। वा भी चार जागां आधा-आधा किल्ला। पहलम तो खाद गेर कै बीज नये गेर कै अर कीटनाशक का इस्तेमाल करकै फसल ठीक ठ्याक हो ज्या थी। फेर जै लागत लाकै देखता तो उसनै लागता किमै घाटे मैं ऐ रह्या सै। बुलध बेचने पड़गे। ट्रैक्टर ल्यावण का ब्योंत नहीं। पाणी का चौआ घणी नीचै चल्या गया। ट्यूबवैल का खरचा ठावण का भी ब्योंत कोनी रह्या। थ्रैसर तै गिहूं काढण का जमाणा आग्या। थ्रैसर बी क्यूकर ल्यावै। इन तीनों चीजां नै किराये पै लेकै खेती करना आसान कोन्या रह्या। कमलू नै देख्या अक पाछले आठ-दस सालां मैं गामां तै गिद्ध खत्म होगे। क्यों खत्म होगे? किसे की कोए चिंता नहीं। कई बर मोर मरे पाये जावैं सैं। कोए चिंता नहीं। एक जोहड़ का पाणी तो कती काला होग्या। होग्या तो हो ज्याओ हमनै के पड़ी। इसे मानस धोरै कितना काला धन होगा 

बादलों

बादलों  की भाप से पानी और 
महासागर बने ।  इन्हीं  समुन्द्रों 
की  गोद में सबसे पहले एक 
--कोशीय  जीवों का उद्गम हुआ । 
करीब 350 करोड़ साल पहले 



  




लगे रहो

शाबाश लगे रहो


झूला झूलन जा रही हैं सखियां