हरियाणा कड़ै जाण लागरया ?
हिसार का विश्वास स्कूल, दूसरे गामां के स्कूल, म्हारे शहर अर गाम, मोहल्ले अर सैक्टर, अर इनमैं रहवण आल्यां का भाईचारा, म्हारी इज्जत, म्हारे बालक, गुहांड, म्हारी बेटा-बेटी, म्हारी बहु, म्हारे बाहण अर भाई, म्हारे घर, अर इन सारयां के बीच के रिश्तयां का खोखलापन सबकै साहमी आ लिया। मकान अर कोठी तो बहोत बड्डे बनगे फेर इनमैं रहवण आल्यां के दिल बहोत छोटे होगे। इन खोखले अर मरणशील रिश्तयां की कै तो आपां कोली भरें बैठे सां अर कै इननै त्याग कै अमरीका की जीवन पद्धति की नकल करकै खुदगर्ज इनसान बनते जावण लागरे सां। फेर गाम की इज्जत के बारे में म्हारी के समझ सै इसपै बहस तो होनी चाहिए। लिखैं खापां के चौधरी बी अखबारां मैं वे क्यूकर देखैं सैं इस मसले नै अर म्हारे आर्य समाजी भाइयां नै भी अपनी बात लोगां मैं रख कै अपना स्टैंड बताना चाहिए। इन सतसंगा आल्यां नै बी बताना चाहिए अक इस जन्म मैं दुखिया गरीब की गरीबी क्यूकर दूर होवै। आज गामां का के हाल हो लिया? इतना बुरा हाल क्यों हो लिया? महिला भ्रूण हत्या क्यों बधगी? दहेज प्रथा क्यों बधती जावै सै? घुंघट मैं आज बी औरत क्यूं जकड़ राखी सै? भ्रष्टाचार म्हारे जीवन का स्वीकृत हिस्सा क्यूं बणग्या? म्हारे मन तो साफ सैं फेर क्यों इतनी गंदगी फैलगी? लड़कियां पै होवण आले यौन उत्पीड़न अर यौन हिंसा पै के कहना सै इन सबका? दुलिना, गोहाना, हरसौला अर गुड़गावां कांड क्यों होवण लागरे सैं म्हारे समाज मैं? महिलावां की खरीद फरोख्त, वेश्यावृत्ति क्यों बधती जावै सै म्हारे समाज मैं? के गीता का पाठ अर गऊ की पूंछ इन समस्यावां का समाधान कर सकैं सैं? इन सारी बातां पै जिकरा होवै तो कैहदें सैं अक हम के कर सकां सां म्हारी नीयत मैं तो कोए खोट नहीं। फेर बलात्कार करण आले लोगां की हिम्मायत मैं एस पी अर डी सी कै ट्रॉली भरकै कूण ल्यावै सै? दारू पीवणिया, पीस्से खावणिया, लड़की की गेल्यां छेड़खानी करनिया नै सरपंच कूण बणावै सै? गाम मैं सुलफा, दारू अर स्मैक कूण बिकवावै सै? गाम मैं युवा औरतां नै वेश्यावृत्ति मैं धकेलनिया का साथ कूण निभावै सै? गाम की बहुआं गेल्यां भद्दे मजाक अर टोन्ट कौन करै सै? बाहण की गेल्यां चाचा का छोरा, मामा का छोरा, पड़ोसी का छोरा, चाचा ताऊ अवैध संबंध क्यूं बणावैं सैं अर माट्टी गेरण के नाम पै अर गाम की इज्जत के नाम पै इननै कूण बचावैं सैं? बहू की गेल्यां सुसरा क्यों गिरकावै सै? एकली देख कै बहु की इज्जत पै हाथ क्यों ठावै सै?
खेत क्यार मैं कमजोर तबक्यां की औरतां की साथ जोर जबरदस्ती कूण करता पावै सै? एड्स की बीमारी गामां मैं क्यों बढ़ती जावै सै? आज के नौजवानां मैं नामर्दी की शिकायत क्यों बढ़ती जावै सै? बाहण भाई के रिश्ते बच कड़ै रहे सैं? ब्याह शादी तोड़ण के फतवे देवण तै न्यारा इन सारी बातां पै के कहना सै म्हारे गाम के अर म्हारी कौमां के ठेकेदारां का? आज ताहिं फांसी का फतवा म्हारी इन तथाकथित पंचायतां नै किसे ऊंची जाति के खाते पीते परिवार के छोरे ताहिं क्यों ना दिया। यू खाते पीते परिवारां का छोरा गाम के नाक मैं दम करदे कोए बात ना। यू बिगाड़ करण मैं सबतै आगे पावैगा। सबनै बेरा। सब चुप। तलैए तले सब किमै चालै सै। ऊपर दिखाई नहीं देना चाहिए। जै इतनी ए चिंता सै गाम की इज्जत की तो इनपै क्यूं ना फांसी का हुकम? इतनी खामी आगी गामां मैं उन पर तो कदे पंचायत नहीं कोए चर्चा नहीं, अर जो नौजवान अपनी मर्जी तै ब्याह करकै घर बसाना चाहवैं सै वे समाज मैं बिगाड़ करते दीखै सैं इन असली गाम बिगाडुआं नै। एक हरिजन का छोरा अर किसे बड्डी जात की छोरी उसे गाम की आपस मैं ब्याह कर लें तो उन ताहिं मौत का फतवा दे दिया जावै सै। जहर दे कै मार दिये जावैं सैं। छोरी नै मामा कै खन्दा देंगे, अर दस पंदरा दिन पाछै कै म्हिने पाछै बेरा आवैगा गाम मैं अक बिमला के पेट मैं चाणचक दर्द हुआ अर वा मरगी। सारा गाम जानै सै अक वा मारी गई सै फेर कोए नहीं सवाल ढावन्ता अक उसके मारण आल्यां ताहिं वा मारण का हक किसनै दिया? अन्तर्जातीय ब्याह रचाया, दोनूं 18 साल तै ऊपर की उमर के तो गाम तीसरा तेली कूण? कानून कहवै सै अक 18 साल तै ऊपर के दो वयस्क आपस मैं ब्याह कर सकैं सैं तो फेर ये पंचायत क्यूं रोज मौत के फतवे देवण लागरी सैं। इन नौजवान युवा लड़के-लड़कियां ताहिं? म्हारा कानून, म्हारे अफसर, म्हारी पुलिस अर म्हारे नेता क्यूं इन फांसी का हुकम सुणावण आले सफेदपोश बदमाशां का विरोध नहीं करते? क्यूं इन पर कानूनी शिकंजा नहीं कस्या जांता? क्यूं सरकार इनकै खिलाफ दरज मुकदमे वापस ले ले सैं? आपस में ब्याह करना जुल्म कड़ै सै? सै जुल्म नहीं तो फेर ये ब्याह करणिये रोज क्यूं फांसी तोड़े जावण लागरे सैं? क्यूं हम चुप्पी साधरे सां? हमनै के हक सै किसे की ज्याण लेवण का? बहोत हो लिया। इब तो इस बर्बरता का खात्मा होणा चाहिए। किसे नै किसे नै तो इन नौजवान युवक-युवतियां की हिम्मायत मैं आगै आणा पड़ैगा।
हिसार का विश्वास स्कूल, दूसरे गामां के स्कूल, म्हारे शहर अर गाम, मोहल्ले अर सैक्टर, अर इनमैं रहवण आल्यां का भाईचारा, म्हारी इज्जत, म्हारे बालक, गुहांड, म्हारी बेटा-बेटी, म्हारी बहु, म्हारे बाहण अर भाई, म्हारे घर, अर इन सारयां के बीच के रिश्तयां का खोखलापन सबकै साहमी आ लिया। मकान अर कोठी तो बहोत बड्डे बनगे फेर इनमैं रहवण आल्यां के दिल बहोत छोटे होगे। इन खोखले अर मरणशील रिश्तयां की कै तो आपां कोली भरें बैठे सां अर कै इननै त्याग कै अमरीका की जीवन पद्धति की नकल करकै खुदगर्ज इनसान बनते जावण लागरे सां। फेर गाम की इज्जत के बारे में म्हारी के समझ सै इसपै बहस तो होनी चाहिए। लिखैं खापां के चौधरी बी अखबारां मैं वे क्यूकर देखैं सैं इस मसले नै अर म्हारे आर्य समाजी भाइयां नै भी अपनी बात लोगां मैं रख कै अपना स्टैंड बताना चाहिए। इन सतसंगा आल्यां नै बी बताना चाहिए अक इस जन्म मैं दुखिया गरीब की गरीबी क्यूकर दूर होवै। आज गामां का के हाल हो लिया? इतना बुरा हाल क्यों हो लिया? महिला भ्रूण हत्या क्यों बधगी? दहेज प्रथा क्यों बधती जावै सै? घुंघट मैं आज बी औरत क्यूं जकड़ राखी सै? भ्रष्टाचार म्हारे जीवन का स्वीकृत हिस्सा क्यूं बणग्या? म्हारे मन तो साफ सैं फेर क्यों इतनी गंदगी फैलगी? लड़कियां पै होवण आले यौन उत्पीड़न अर यौन हिंसा पै के कहना सै इन सबका? दुलिना, गोहाना, हरसौला अर गुड़गावां कांड क्यों होवण लागरे सैं म्हारे समाज मैं? महिलावां की खरीद फरोख्त, वेश्यावृत्ति क्यों बधती जावै सै म्हारे समाज मैं? के गीता का पाठ अर गऊ की पूंछ इन समस्यावां का समाधान कर सकैं सैं? इन सारी बातां पै जिकरा होवै तो कैहदें सैं अक हम के कर सकां सां म्हारी नीयत मैं तो कोए खोट नहीं। फेर बलात्कार करण आले लोगां की हिम्मायत मैं एस पी अर डी सी कै ट्रॉली भरकै कूण ल्यावै सै? दारू पीवणिया, पीस्से खावणिया, लड़की की गेल्यां छेड़खानी करनिया नै सरपंच कूण बणावै सै? गाम मैं सुलफा, दारू अर स्मैक कूण बिकवावै सै? गाम मैं युवा औरतां नै वेश्यावृत्ति मैं धकेलनिया का साथ कूण निभावै सै? गाम की बहुआं गेल्यां भद्दे मजाक अर टोन्ट कौन करै सै? बाहण की गेल्यां चाचा का छोरा, मामा का छोरा, पड़ोसी का छोरा, चाचा ताऊ अवैध संबंध क्यूं बणावैं सैं अर माट्टी गेरण के नाम पै अर गाम की इज्जत के नाम पै इननै कूण बचावैं सैं? बहू की गेल्यां सुसरा क्यों गिरकावै सै? एकली देख कै बहु की इज्जत पै हाथ क्यों ठावै सै?
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