सोमवार, 5 दिसंबर 2016

कुछ तै सरम करो

कुछ तै सरम करो
रमलू अर उसका परिवार शुक्रवार की सांझ नै टी.वी. देखण लागरे थे। सांझ नै चाण चणक सी खबरां मैं देख्या अक नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री की सपथ लेण लागर्या सै अर बिहार का गवरनर सपथ दिलावण लागर्या सै। आगली न्यूज मैं लालू यादव एक सौ साठ एमएल्यां की लिस्ट दिखावण लागर्या सै। रमलू नै न्यूज देख कै के सोची भला बिहार के गवरनर के बारे मैं:
टेक: जनतंत्र का चौड़े मैं दिया क्यों गल घोट तनै।
इसकै क्यों कालस लादी मारी कसूती चोट तनै।।
1. जनतंत्र की जागां लाठा तंत्र बिहार मैं घुमाया आज
नीतीस कुमार तै सपथ दिवादी किसा खेल रचाया आज
संविधान पाड़ बगाया आज के खाये नोट तनै।।
2. कायदे कानून और परम्परा पढ़ण बिठाये क्यों
बेसरमी की हद होगी राबड़ी हर ना बुलाये क्यों
बाजपेई बौखलाये क्यों जनता देवै ना वोट तनै।।
3. काले धन का ईब उड़ै खुलकै दौर चलाया जागा,
लालच दे एम.एल.ए. तोड़ैं न्यों हाथ उठाया जागा,
गरीब उड़ै दबाया जागा करया भारी खोट तनै।।
4. बिहार की जनता ना सै माड़ी या सबक सिखावैगी,
बिहार की गद्दी खोसैगी दिल्ली मैं हाथ दिखावैगी,
या जेलां मं खंदावैगी उड़ै मिलैंगे सूके रोट तनै।
इतनी वार मैं रमलू के पड़ौस तैं मनभरी आज्या सै रमलू की घरआली सन्ता तै फेट्टण। रमलू की घरआली रमलू की बात सुणकै गरमी खारी थी। वा मनभरी ताहिं के कैहवण लागी भला:
टेकः आहे सखी एक बात बताऊं, यो दिल अपणा खोल दिखाऊं
नीतीश नै कर दिया चाला, हे मनै तेरी सूं।
गवरनर नै सपथ दिलवाई, नीतीश कै न्यों कुर्सी थ्याई
यो होग्या गुड़ का राला, हे मनै तेरी सूं।
राबड़ी की कुर्सी खोस लई, जनता की आस मोस दई
जनतंत्र का पिट्या दिलवाला, हे मनै तेरी सूं।
नीतीश टोहले कुआं झेरा, जीवन का काम ना तेरा
तेरा चेहरा होग्या काला, हे मनै तेरी सूं।
किसे ढाल बी हक ना बणै, फेर बी कुर्सी पै आण तणै
डेमोक्रेसी का सै गाला, हे मनै तेरी सूं।
ओ कीड़े पड़कै मरियो, कान बात मेरी पै धरियो
खिंचग्या संघर्ष का पाला, हे मनै तेरी सूं।
मनभरी बोली अक न्यों कहवै सैं अक हक तै राबड़ी का ए बणै था पर इन बाजपेई हर नै टेलीफून कर दिया गवरनर ताहिं अक यू नीतीश मुख्यमंत्री बणाणा सै। टेलीफून का रंग चढ़ग्या सै अर वा भी सुर मैं सुर मिला कै के कैहवण लागी भला:
टेकः नीतीश कुमार बिहार का मुख्यमंत्री बण्या देखो,
यो काला बादल असमान के मां आज तण्या देखो।
1. फासीज्म की भारत मैं या बुनियाद धरी गई,
देस तोड़ण की नीम भाई दिल्ली के मां भरी गई,
साजिस पूरी करी गई मेरै सांप सा लड़या देखो।
2. बिहार की आवाज घोट दी सारे नर-नार सुणो,
ये कानून गये भाड़ मैं चाहिये सरकार सुणो,
विधानसभा मैं हाहाकार सुणो रास्सा छिड़या देखो।
3. अवसरवाद और कट्टरवाद का इननै बेरा पटज्या,
विधानसभा मं रैहज्यां थोड़े सिर ठोड़ै ए कटज्या,
नीतीश पाछै नै हटज्या ना तै बिहार ठण्या देखो।
4. खूंटा ठोक की बातां नै कदे भूल ना जाइयो,
किसे के बहकावे ऊपर ध्यान मूल ना लाइयो,
रै घणे टूहल ना जाइयो जाल कसूता बुण्या देखो।
सन्तरा मनभरी की बात सुणकै बोली - कुछ तै सरम करैं। के कोए दीन ईमान बच्या सै अक नहीं इनकै? बडे़ पाक साफ चेहरे आले बतावैं थे अपणे आप नै पर यू चेहरा तै बड़ा खूंखार लिकड्या। मनभरी बोली - मैं तै राबड़ी धोरै एक चिट्ठी गेरूंगी अक घबराइये मतना हम हरियाणे की महिला अर पूरी जनता थारी गैल सैं।

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