बुधवार, 7 दिसंबर 2016

आत्मा का रगड़ा

आत्मा का रगड़ा
भारत मैं लाखां साधु-संत, स्वामी ज्योतिषी अर पुजारी इस बात का टोकरा सिर पै धरे पाज्यांगे अक आदमी के शरीर मैं परमात्मा की दी औड़ ‘आत्मा’ हो सै। मौत पाछै या आत्मा अपणा शरीर बदल लेवै सै। जिब या बात करी जा सै अक परमात्मा की दी औड़ आत्मा नाम की शरीर में कोए चीज नहीं होन्ती तो म्हारे मन मैं कई सवाल खड़े होज्या सैं अक या ‘ज्यान’ कै ‘आत्मा’ के चीज सै? मरे पाछै या ‘ज्यान’ कै ‘आत्मा’ कड़ै चाली जा सै? दूसरे माणस के शरीर में या ‘आत्मा’ क्यूकर बड़कै जन्म लेवै सै? यो सुरग अर नरक का के रोला सै? इन बातां पै गहराई तै सोच्चण की जागां आपां आसान सा रास्ता टोहल्यां सां अक ‘आत्मा’ होन्ती ए होगी। म्हारी इस दिमाग पै जोर दे कै ना सोच्चण की कमजोरी का फायदा कई ढाल के चालबाज माणस ठायें जा सैं। लूट की कमाई के साधनां पै अपणा कब्जा राखण खात्तर ये फरेबी जनता के मन मैं या पक्की जंचा दें सैं अक आत्मा हो सै। सुरग-नरक बी हो सैं अर जै आत्मा की मुक्ति नहीं हो तै या भूत-प्रेत बण कै चारों कान्हीं घूमें जा सै आर मौका पान्तैहें की साथ किसे बी शरीर मैं प्रवेश कर ज्या सै। जै लोगां के दिलां मां तै इस आत्मा का विश्वास लिकड़ ज्या तै भूत प्रेतां पर तै बी उनका विश्वास उठ ज्यागा, सुरग-नरक पै भी सवाल खड़े होज्यांगे, आगले पाछले जन्म का मामला भी गड़बड़ा ज्यावै सै। अर किस्मत का मामला भी खटाई मैं पड़ज्या सै। देखे इस परमात्मा की आत्मा के कमाल जी। एक दूसरी आत्मा सै जो माणस के भीतर हो सै अर उसकी गैल्यां ए मर बी जावैं सै। आत्मा नै कुछ लोग इच्छा शक्ति के रूप मैं देखैं सैं। कुछ लोग इसनै भीतर की आवाज भी कहदें सैं अर कुछ इसनै अन्तरात्मा की पुकार का नाम बी दे दें सैं। ये दोनू मामले न्यारे-न्यारे सैं। दूसरी आत्मा माणस नै इन्सान बणावण मैं, उसनै कुदरत तै टकरले कै नई खोज करण मैं, आत्म विश्वास बढ़ावण मैं, बहोत बढ़ियां ढालां मदद करैं सैं, माणस कै पूरा साहरा लावै सै। हां तो आज जिकरा पहलड़ी आत्मा का सै जो हमनै अपनी आंगलियां पै सारी जिन्दगी नचायें जावै सै।
हर होवण आली घटना का कोए न कोए कारण जरूर हो सै अर हर घटना कुदरत के कुछ नियमां के तहत हो सै। जै आपां परमात्मा की दी औड़ आत्मा की बाबत बताई गई सारी बातां की जांच परख गहराई तै सोच समझ कै तर्क की कसौटी पै करां सां तै हमनै या बात समझण मैं वार कोनी लागदी अक यू लूट खसोट का सिस्टम (गोरख धंधा) कायम राखण का हथियार सै। जै या आत्मा सर्वशक्तिमान सै तो अपणी मर्जी तै आवै सै। माणस इसमैं कोए दखलन्दाजी नहीं कर सकदा। पर जै माणस जहर खाकै मरज्या सै तो उसके मरतें ए आत्मा शरीर नै छोड़ के डिगरज्या सै। इसका मतलब साफ सै अक इस आत्मा नै शरीर तै बाहर करण ताहिं आदमी ए जिम्मेदार सै। जै या आत्मा सर्वशक्तिमान होन्ती तै जहर खाये पाछै बी आदमी नै जिन्दा राखती अर उसमैं रहन्ती। कोए स्वामी न्यों बी कैहन्ता पाजयागा अक जहर बी माणस नै आत्मा ए खवावै सै। मान ल्यो किसे की आत्मा नै ओ चोला छोड्डण की त्यारी कर ली अर अपणे शरीर ताहिं जहर खाकै मरण का हुक्म दे दिया। ओ जहर खावणिया माणस जहर खाकै बेहोश होज्या सै अर उस माणस नै इलाज करकै डाक्टर बचालें सैं तो फेर उस सर्वशक्तिमान आत्मा के हुक्म का के हुया? न्यों बी कह्या जा सै अक या आत्मा नंगी तलवारां तै बी नहीं डरती। इस आत्मा नै कोए भी हथियार काट नहीं सकदा, आग जला नहीं सकदी, अर पाणी डबो नहीं सकदा कै गला नहीं सकदा। या आत्मा तै अमर सै, निडर सै। फेर असल मैं देखण मैं आवै सै अक जिब कोए संकट (ज्यूकर बाढ़) आवै सै तो कई सौ माणस डूब के मरज्यां सैं अर उनकी आत्मा उनका शरीर छोडज्या सैं, इसका मतलब ये आत्मा संकट का मुकाबला करण तै डरैं सैं। कई न्यों कैहदें सैं अक जै परमात्मा आली आत्मा ना होती तो बढ़िया विचार किततै पैदा होन्ते? जै ये आत्मा ए आच्छे विचार माणसां मैं पैदा करैं सैं तो म्हारी धरती पै पांच अरब माणस रहवैं सैं जिनमां तै घणे ए बढ़िया सैं अर घणे ए भंूडे बी सैं। तो ये भूंडे माणस जो माफ ना करे जा सकण आले जुलम करैं सैं तो उनमैं ये बुरे विचार किसनै पैदा करे? उनकी परमात्मा आली आत्मा नै? इसे भूंडे विचार पैदा करण आली परमात्मा की आत्मा के बारे मैं के ख्याल सै म्हारा? असली बात या सै अक आच्छे भूंडे काम तै म्हारा समाज अर म्हारी शिक्षा पैदा करै सै। उस आत्मा (परमात्मा आली आत्मा) गेल्यां इसका कोए रिश्ता नहीं सै, हां म्हारी इच्छा शक्ति (माणस की खुद की आत्मा) गेल्यां इसका रिश्ता जरूर सै। आज के वैज्ञानिक युग मैं तो या परमात्मा आली आत्मा माणस की इच्छा शक्ति, माणस की आत्मा आगै पूरी तरियां गोड्डे टेकगी। थोड़ा दिमाग पै जोर देकै समझण का मामला सै। फेर हरियाणे आल्यां की एक बड्डी कमजोरी या सै अक अपणे दिमाग पै जोर देकै सोच्चण का ब्यौंत घाट सै। जो और किसे नै सोच कै बता दिया उसकी हां मैं नाड़ हिला देंगे, कै ना मैं नाड़ हिला देंगे। अर जै किमै ऊक चूक होज्या तो कैह देंगे - ओहले हमनै के बेरा था इसका मतलब यू था।
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