कुर्सी तै छोडणी ए पडै़गी
लैक्सन तै समझो हो लिये। सब आपणी आपणी जीत का ढिंढोरा पीटते हांडैं सैं। असमानां मैं उडण लागरे सैं। खाड़े के पहलवानां मैं तै कइयां के कई दिन तीजां केसे कटे सैं। एक गाम मैं होक्के पै बैठ के चर्चा होरी थी अक कौण बणैगा अर कौण हारैगा। सुरता बी उड़ै बैठ्या उनकी बात सुणण लागरया था। कोए कैह था बीजेपी जीतैगी, कोए कैह था कांग्रेस जीतैगी अर कोए चोटाला ए के राज के सपणे देखै था। सुरते तै कोण्या डट्या गया अर न्यों बोल्या अक मेरै एक बात याद आगी।
सुरता बोल्या अक एक बै भिवानी जिले का एक माणस जीन्द जिले के किसे गाम मैं असनाई मैं जा था। पुराणे दिनां मैं आण जाण की ग्यारा नम्बर की सवारी हुया करती। जिब ताहिं ये मोटर टैम्पू नहीं चाले थे। पीस्से आले माणसां के धोरै कै तो घोड़े हुया करदे अर कै रथ हुया करदे। फेर रमलू धोरै इन सब का ब्यौंत कड़ै था? भाई तो ग्यारा नम्बर की सवारी पै हो लिया चालता। जिब कई कोस जा लिया तो तिस लाग्यायी। गाम के गोरै एक कुंए पै जाकै रमलू नै बाल्टी कुएं मैं पास दी। करड़ा घाम पड़ै था। पस्सीने आरे थे। रमलू दुखी करड़ा होरया था। नेज्जू भाई के हाथ तै झूटगी। धरती भीड़ी होगी भाई नै। ईब के करै?
दो तीन माणस जां थे। उनतै बताई तै उनमां तै एक बोल्या अक या बी किमै बात हुई, गाम मैं तै बिलाई लिया अर बाल्टी काढ़ ले। जीन्द मैं बाल्टी काढ़ण के कांटे नै बिलाई कह्या करैं। रमलू गाम की कान्ही चाल पड्या। बिलाई का मतलब कोण्या समझ मैं आया उसकै। ओ असली बिलाई मान बैठ्या। एक गाल मैं एक बिलाई जा थी, पूस-पूस करकै अपणै धोरै बुलाई अर पकड़ कै चाल पड्या। कुंए पै जाकै नेज्जू कै बांध कै अर कुंए मैं पास दी। अध बिचालै सी जाकै वा बिलाई म्याऊं-म्याऊं करण लागी। रमलू नै बी सुणी उसकी आवाज। ओ बहोत हाण का दुखी होरया था अर बिलाई फेर म्याऊ-म्याऊ करण लागगी तै ओ बोल्या - म्याऊं कर अर चाहे टयाऊं कर बाल्टी तो काढणी ए पड़ैगी।
होक्के पै बैठे सारे लोग हांस पड़े। नफे सिंह बोल्या अक ईब तो लैक्सनां का जिकरा चालरया था। सुरते इसे मौके पै तेरै या बात याद क्यूकर आगी? सुरता बोल्या अक भाई बी.जे.पी. चाहे म्याऊं करले अर चाहे टयाऊं करले, उसनै सिंहासन तै छोडना ए पडैगा। हाथी के दांत खाण के और अर दिखाण के और सैं बगल मैं छुरी अर मुंह मैं राम राम ये बात पहल्यां सुणी सुणी थी पर देख बी.जे.पी. के राज मैं ली। नफे सिंह बोल्या अक सुरते तो बी.जे.पी. तै इतनी खार क्यों खारया सै? तेरी के झोटी खोली बी.जे.पी. नै? सुरते तै जमा भर्या बैठ्या था। ओ न्यों बोल्या अक इसमैं तै थोथ पाई थोथ। म्हारी जड़ काटण लागरी अर स्वदेसी का लिफाफा ठारी सै। ईब के के बताऊं। रही सही कसर प्याज, आलू, तेल अर नून नै पूरी करदी। अर जै जीतैगी तो भाई इस देस की जनता पै तरस ए खाया जा सकै सै।
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