कमाल नये पेटैंट के
राजो अर धर्मो बतलावण लागी अक ये ज्ञान विज्ञान जत्थे आले आये थे अर पेटेंट का बहोत जिकरा कररे थे। राजो बोली - ए धर्मो या पेटैंट किमै गुणी चीज लागै सै ज्यां करकै जिसनै देखै, ओहे इसका जिकरा करै सै। धर्मो बोली - बेबे के बताऊं? बेरा तो मनै बी कोण्या अर किसे तै बूझां तो शर्म आवै सै। अर ऊं बी म्हारे गाम मैं सै बी कूण इसा जो इसके बारे मैं सारी बात खोल कै बतादे। एकाध किसान यूनियन का माणस सै ओ रिस्ते में पितसरा लागै सै बता उसतै जाकै क्यूकर बूझां? स्कूल के मास्टर सैं वे कालर कोरे लागै मनै तो। अपणली छोरी सै ना स्यामो उस पै पुछवाई थी मनै तो उसका मास्टर न्यों बोल्या अक पेटैंट नै के खाकै मरैगी सल्फास की गोली खा लिये जै तनै मरना ए सै तो। वा साक्षरता अर ज्ञान विज्ञान आल्यां की चेली सै ना किताबो वा कईबर बात चलाया करै पेटैंट की आज सांझ नै जिब नलके आवैंगे तो उसपै बूझांगें। दोनूं पाणी की बाट मैं नलके पै जा बैठी उड़ै पहलमै पन्द्रह बीस मटके धरे थे। किताबो बी आगी अर राजो अर धर्मो उसनै एक औड़ नै ले जा कै बूझण लागी। धर्मो - ए किताबो पेटैंट का बेरा सै किमै तो बतावै नै हमनै। किताबो बोली घणा तो मनै बेरा ना फेर न्यों बतावैं सैं अक म्हारे देश खातर कोए बढ़िया बात ना सै। राजो - तै फेर म्हारे देश आले क्यों इसकी हिम्मात मैं लागरे सैं? किताबो - या तो पेटैंट के हिम्मातियां तै जाकै बूझियो। बाकी मनै तो इतना बेरा सै अक यो पेटैंट खोज करणियां कै उन कम्पनी नै जो खोज करैं सैं इन खोजां पै पूरा कब्जा करण का हक दे दे सैं। पेटैंट के मालिक की मर्जी के बिना कोए भी माणस उस पेटैंट का इस्तेमाल कोनी कर सकता। बदेसी कम्पनियां इस अधिकार का गल्त इस्तेमाल करकै तीसरी दुनिया के लोगां नै जो खोज करी सैं उनका उननै लाभ ठावण तै रोक सैं वे। ये जी सेवन के जितने खागड़ देश सैं इनकी मार तै बचण की खातर तीसरी दुनिया के देशां नै अपणे पेटैंट कानूनां मैं खबरदारी बरत राखी थी अक गरीब देश इस बदेशी कम्पनियां की झलां तैं बचे रहज्यां।
यो नया पेटैंट कानून जो कांग्रेस अर बीजेपी नै मिलकै पाछली संसद मैं पास कर दिया यो, म्हारे देश की औद्योगिक जड़ां नै बी खोखला करकै धर देगा अर अपणे पाहयां पै खड़े होवण का म्हारा सपणा तहस नहस करकै धर देगा।
राजो बोली - ए किताबो माड़ा सा तो सांस ले ले। एकै सांस मैं इतनी बात बतागी। म्हारा दिमाग इतना तेज कड़ै सै अक इतनी बातां नै एकै बर मैं समझ ले। बाकी की फेर बताइये। हां एक बात तो समझ मैं आगी अक यो पेटैंट म्हारी भलार मैं कोण्या। ले बेबे चालूं सूं धारां नै वार होवण लागरी सै। किताबो - बेबे इसतै बी फालतू किमै बूझणा सै तो एक दिन ज्ञान विज्ञान आल्यां नै बुला ल्यां सां वे और तोड़ खुलासा कर देंगे। धर्मो बोली - इबै नहीं बेबे ईबै काम का बख्त सै माड़ी सी काम तै फुरसत हो लेवण दे फेर बुला लिये। राजो अर धर्मो घर नै आगी। राजो का घर आला भी धोले लत्ते पहरे हांडैं जाया करै। राजो नै सोची अक आज तो बूझ ले अर किमै बता बी दिये। सांझ नै दिलबाग आया तो पेटैंट पै बात सुरू होगी अर राजो उसपै बूझण लागी -
बतादे करकै ख्याल पिया, यो पेटैंट के जंजाल पिया,
उठती दिल मैं झाल पिया, यो करें कैसे कंगाल पिया,
सै योहे मेरा सवाल पिया, मनै जवाब दिये खोल कै।
समिति नै जलसा करकै ये सारी बात बताई हो,
सन पैंतालिस तै पहल्यां गोरयां नै लूट मचाई हो,
आच्छी कहे सरकार पिया, समिति करै इन्कार पिया,
अमरीका बदकार पिया, बणाया देश बजार पिया,
क्यों बढ़ती तकरार पिया, मनै जवाब दिये तोल कै।
बढ़िया से पेटैंट घणा, मन मेरा तै मानै कोण्या हो,
यो कैसे बढ़ै निर्यात पिया, घटै कैसे आयात पिया,
क्यूकर बचै औकात पिया, म्हारी चढ़ी सै श्यात पिया,
क्यों मारग्या सन्पात पिया, मनै जवाब दिये टटोल कै।
खाद पाणी बिजली खुसगे, यो अपणा बीज ना होगा,
स्कूल यूनिवर्सिटी ऊपर कब्जा, कम्पनी का होगा,
फेर ना मिलै दवाई पिया, घणी बढ़ै म्हंगाई पिया,
किसनै रोल मचाई पिया, जनता झूठ भकाई पिया,
क्यूकर बचै तबाहि पिया, मनै जवाब दिये बोलकै।
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