फत्ते बूझ बैठ्या - ये आई टी आई आले बालक रोज सड़कां पै बैठे रहवैं सै यू के रोल्ला सै? सत्ते ओला सोला लखाया। फत्ते बोल्या - किमै तो बता सत्ते। सत्ते बोल्या - अंघाई लागरी सै इन बालकां नै। पढ़णा चाहन्ते ना। फत्ते बोल्या - न्यों बता यू सारा किस्सा के सै? सरकार तो कहवै सै अक हाम इन आई टी आइयां मैं सुधार करना चाहवां सां। अर ये एस एफ आई आले कहवैं सै अक या सरकार इन आई टी आइयां का निजीकरण करण लागरी सै। इसपै किमै बेरा होतै बता। सत्ते बोल्या - इतना गहराई ताहिं तो मनै बेरा ना फेर इतना जरूर सै अक या सरकार जिस बी सुधार की बात करै सै उसमैं कुछ फांचर ठोक उल्टी बात जरूर ठोक देवै सै। फत्ते बोल्या - सत्ते मैं तो तनै बड़ा समझदार मानूं था फेर तूं तो कई कति पैदल पाया इस मामले मैं। किमै अखबार अखबूर ढंग तै पढ़ लिया कर। सत्ते बोल्या - यू पड़ौस मैं न्यादर क्याँ कै छोरा सै आई टी आई मैं उसनै बुला कै बूझ ले नै। फत्ते बोल्या - जा फेर ल्यां तो बुला कै। सत्ते चल्या गया उसनै बुलावण। ओ बी आग्या फेर बेरा उसनै बी इसा ए था। सविता बोली - फत्ते और क्याहें पै बात कर ल्यो आज। जरूरी सै इस आई टी आई मैं माथा मारना। कविता बोली - मनै थोड़ा घणा पढ़या सै इसके बारे मैं अर वा बाला नहीं सै ब्लाक प्रधान कांग्रेस की पाल्टी की वा बी न्यों ए कहवै थी अक आज की मांग के हिसाब तै सरकार सुधार करना चाहवै सै अक आई टी आई पास करनिया बालकां पै माड़ा मोटा रोज़गार मिलज्या। फत्ते बोल्या - फेर ये एस एफ आई आले के न्यों कहवैं सैं अक इननै रोज़गार नहीं मिलना चाहिए अर कै इन आई टी आइयां की जो दुर्गति होरी सै इसमैं सुधार नहीं होना चाहिए? सत्ते बोल्या - न्यों तो कोन्या कैहन्ते फेर निजीकरण का विरोध तो करैं सैं।
कविता बोली - इसके बारे मैं पढ्या था अक 2004-05 मैं म्हारे केन्द्रिय वित्त मंत्री नै अपने बजट भाषण मैं बताया था अक देश के 500 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थावां नै अपग्रेड करैंगे। इसकी खातर वाणिज्यिक संगठनां नै अर कारखाने दारां नै शामिल करकै आगै बात बढ़ाई जावैगी अर इस डंगवारे ताहिं उसनै पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के नुस्खे की घोषणा करी थी। कमला बोली - फेर के दिक्कत सै इसमैं। डंगवारा तो म्हारी पुरानी परम्परा सै। कमजोर किसान डंगवारा करया करते अर अपना गुजारा कर लिया करते। फत्ते बोल्या - वो डगवारा तो बराबरी के आधार पै हुआ करता। एक बुलध मेरा अर एक बुलध तेरा। एक दिन हल मैं चलाऊं अर एक दिन हल तूं चलावै। कमला बोली - तो यू और ढाल का डंगवारा सै के? कविता बोली - इस पार्टनरशिप के तहत पहली खेप मैं 100 आई टी आई छांट कै सरकार की योजना थी अक इननै तक्षिला अर नालंदा बरगे केंद्र सेंटर ऑफ एक्सीलैंस के रूप मैं म्हारे देश के आर्थिक संसाधनां के दम पै बणावैगी। अर दूसरी खेप मैं 400 आई टी आई विश्व बैंक धोरै कर्जा ले कै अपग्रेड करैगी।
कविता फेर बोली - सुणै बीगां अक अपणी ए हांकैगा? या दस माणसां की कमेटी बणैगी। इस कमेटी का प्रधान मतलब चेयरमैन इंडस्ट्रीज का प्रतिनिधि होगा अर कुल पांच मैम्बर कारखाने दारां के होंगे। बाकी पांच मैं राज्य तकनीकी शिक्षा निदेशालय का एक प्रतिनिधि, एक जिला रोजगार अधिकारी, एक संस्थान का प्रिंसीपल, एक वरिष्ठ शिक्षक अर एक छात्र प्रतिनिधि हुआ करैंगे। सविता नै बूझ लिया - इस कमेटी नै अधिकार बी होवैगा कोए सै अक इन म्हारी पंचायतां की ढालां सरकार के हुंकारे भरण आली कमेटी होवैगी? कविता नै बताया - इस कमेटी नै वे सारे अधिकार होवैंगे जो ईब ताहि सरकार धोरै सैं। सत्ते बोल्या - या तो बहौते काम्मल बात होगी। कविता बोली - इतना ए नहीं कारखानेदारां की मांग के हिसाब तै नए ट्रेड शुरू करण के अर पुराने ट्रेड बंद करण की ताकत बी दे दी। बालकां के दाखल्यां के फीसां के संस्थान खातर चंदा कट्ठा करण के अध्यापकां की भर्ती अर तबादले के सारे अधिकार इस कमेटी धौरे रहवैंगे। सरकार की इसमें कोए दखलंदाजी नहीं होवैगी। ईब ताहिं की जमीन, इमारत, मशीन, भवन आदि जो इन संस्थावां धोरै सैं इननै ट्रांसफर करण का, बेचण का अर इंडस्टरी की सुविधा के हिसाब दूसरी जागां आई टी आई खोलण का अधिकार भी कमेटी नै होगा। इस खातर एक स्टीयरिंग कमेटी बणाण का भी प्रस्ताव सै फेर आखिर मैं मंत्रालय नै साफ-साफ कैह दिया अक मैनेजमेंट कमेटी ताहिं पूरी आजादी तै काम करण दिया जावै। सत्ते आपै ए बोल पड़या - फेर तो बेच खावैंगे आई टी आईयां की इतनी महंगी धरती नै।
इन सरपंचां धोरै जै या पावर आल्या तो ये सारे गाम नै बेच दें अम्बानी कै। फत्ते बोल्या - ये जो बात कविता नै बताई इनतै कुछ सवाल खड़े होगे। आखिर इस डंगवारे का फायदा किसनै होवैगा? इसनै निजीकरण कहवां अक नहीं कहवां? के इसका और कोए राह नहीं था इस डंगवारे तै न्यारा? यू सारा मामला छात्रां की नजर तै भी देख्या जाणा चाहिए अक नहीं? इसपै ताश खेलते खेलते बी बहस हो सकै सै। और जानकारी कट्ठी करी जा सकै से। एम एल ए हलके का आवै तो बूझया जा सकै सै। कुछ तो करया ए जाना चाहिए ना तो ये बालक रुलज्यांगे आई टी आई आले।
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