कमलू कै दो किल्ले धरती। वा भी चार जागां आधा-आधा किल्ला। पहलम तो खाद गेर कै बीज नये गेर कै अर कीटनाशक का इस्तेमाल करकै फसल ठीक ठ्याक हो ज्या थी। फेर जै लागत लाकै देखता तो उसनै लागता किमै घाटे मैं ऐ रह्या सै। बुलध बेचने पड़गे। ट्रैक्टर ल्यावण का ब्योंत नहीं। पाणी का चौआ घणी नीचै चल्या गया। ट्यूबवैल का खरचा ठावण का भी ब्योंत कोनी रह्या। थ्रैसर तै गिहूं काढण का जमाणा आग्या। थ्रैसर बी क्यूकर ल्यावै। इन तीनों चीजां नै किराये पै लेकै खेती करना आसान कोन्या रह्या। कमलू नै देख्या अक पाछले आठ-दस सालां मैं गामां तै गिद्ध खत्म होगे। क्यों खत्म होगे? किसे की कोए चिंता नहीं। कई बर मोर मरे पाये जावैं सैं। कोए चिंता नहीं। एक जोहड़ का पाणी तो कती काला होग्या। होग्या तो हो ज्याओ हमनै के पड़ी।
सहज-सहज देख्या कमलू नै अक धरती मैं फसल पैदा करण की ताकत कम होन्ती चली गई। खेती टोटे का सौदा होगी। एक किल्ला उसका थलियां कान्हीं पड़ै था। उड़े कै नैशनल हाईवे का लिंक रोड काढ़ दिया सरकार नै। कमलू का आधा किल्ला एक जागां अर आधा किल्ला दूसरी जागां एक्वायर होग्या। उसके बीस लाख रुपइये मिलगे। कमलू तो मींह बरगी बाट देखै था धरती बिकण की। इस बीस लाख का ईब के करै? सोच्ची कितै और जमीन लेल्यूं तो आसपास तो भाए ना बचरे। सिरसा मैं ली सै जमीन उनके पड़ौस के गाम आल्यां नै। उड़ै सूत थ्यागी उनकै। फेर कमलू कै तो एक छोरा दो छोरी सैं। छोरा सोफ्टवेयर इंजीनियर लाग्या सै छह म्हीने तै। छोरी ब्याह थ्याह दी। गाम छोड़ कै सिरसा जाणा पड़ै। कुछ नै कांशीपुर (नैनीताल) मैं ले ली धरती। उड़ै बी दो एक किल्ले मिलै थी इतने पीस्यां मैं। फेर सोची अक खरखौदे मैं कोए दुकान ले ले। तो दुकानां के भा बी पहोंच तै बाहर पाये। खरखौदे मैं प्लाट लेकै मकान बनाने की सोची तो उड़ै 500 गज का प्लाट पांच हजार रुपइये गज पाया।
हार कै कमलू नै तो गाम आले मकान का ऐ कायाकल्प कर दिया। अर एक ले आया कार। कमलू के ठाठ देख कै रमलू नै भी चिंता होई। उसका किल्ला ईब्बै बिकण मैं नहीं आ लिया। जड़ होड़ लागरी सै कमलू अर रमलू हरां मैं अक किसका किल्ला पहलम बिकै। तीस साल का 10,000 रुपइये का भी इंतजाम कर दिया। फेर कोए कमलू तो न्यों बूझै अक तीस पाछै के बनैगी बेरा सै? तो कमलू सैड़ देसी न्यों कैहदे सै अक इतनी आगे की नहीं सोच्या करदे। अर या सोच एकले कमलू की हो इसी बात नहीं सै। दो किल्ले आला हरेक किसान कमले बरगा होर्या सै। फेर अपनी मौत वो आप बुलावण लाग रया सै उसनै इस बात का बेरा कोन्या। उसके बालक के करैंगे इस बात नै कोन्या सोचणा चाहन्दा। कमलू के बालक को चलो किसे ढाल काम चला बी लेंगे। फेर बाकी कमलुआं के बालक? गामां की बहोत-सी महिला वेश्यावृत्ति के जाल में घलती जावण लागरी सैं। अर छोरे अपराध जगत में पहोंचण लागरे सैं। हरियाणे मैं एक तो अगवाड़ा सै अर एक पिछवाड़े का तलछट सै। अगवाड़ा तो जगमगावै सै फेर यो पिछवाड़ा जिसनै हम देखना पसंद नहीं करते, जिसके बारे मैं हम सुनना पसंद नहीं करते यो बहुत खतरनाक अर भयावह शक्ल अख्तियार करता जावण लाग र्या सै। इस 25 लाख के किल्ले तै इसका खास नाता सै यो हमनै समझना पड़ैगा। आई किमै समझ मैं?
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