दिन म्हं तारे दीख ज्यां, जिब पड़ै वोट की चोट
सत्ते, फत्ते, नफे, सविता, कविता, अनिता अर भरतो ईब के शनिचर नै कट्ठे हुये तो चर्चा हाल के चुनावां पै चाल पड़ी। नफे अनिता तै बूझण लाग्या - ईबकै थारले किंघाण गेरैंगे वोट? अनिता बोली - म्हारल्यां का मन तो ईबकै बदलण का बणरया सै। नफे बोल्या - क्यूं? ईसा क्यूं? अनिता बोली - म्हारे प्रदेश की हालत के किसे तै ल्हुकारी सै। जनता आज खेती बाड़ी, उद्योग अर रोजगार की चौतरफा तबाही के बिचालै किस अपमान, दहशत अर असुरक्षा के माहौल मैं जीवन लागरी सै इसका तो सबनै बेरा सै। पहरावर के सरपंच जो दलित था का आज ताहिं कोए बेरा कोन्या। ऊं सबनै बेरा सै अक कौन ठाकै लेगे अर किसनै मारया होगा, फेर पुलिस नै बेरा कोन्या पाटया। ना नौकरी, ना दिहाड़ी, ना पढ़ाई अर ना दवाई का इंतजाम, ना बिजली, पानी, खेती मैं छोटे किसान कै कोए बचत ना, कर्जे का बोझ बढ़ता आवै, ना इज्जत-आबरू बची और तै और पीवण का पाणी ताहिं बिकण लागरया सै। हो सकै सै थोड़े से दिनां मैं सांस लेवण ताहिं हवा बी बिकण लागज्या। नफे बोल्या - विकास कितना होग्या यो तो दीखता ए ना थमनै। जै राज की बदल होगी तो हरियाणा उजड़ ज्यागा। ताऊ का बालक सै हरियाणा। इसनै जवान हो लेवण दयो। कविता बोली - अनिता नै सौलां आने सही बात कही सै। थारे घरां मैं उस छोरी गेल्यां के बणी उसका हुया किमै? तनै बी जोर लाया थारे एमएलए ने बी एड्डी-चोटी ताहिं का जोर लाया अर मंत्री नै बी पां पीटिया खूब करे फेर बलात्कारी के तो और ऊपर ताहिं तार जुड़रे थे। थाम सारे हारकै नहीं बैठे थे उस केस मैं। सत्ते बोल्या - इन बातां पै तो नफे कै सांप सूंघ ज्यागा। अर जो या बात कही अक हरियाणा ताऊ का बालक सै तो भाई हम तो ईब ताहिं न्योंए मान्या करते अक हरियाणा का बालक ताऊ सै। अर जै बदल नहीं होई ते जो किमै थोड़ा घणा उजड़ण तै बचरया सै ओ और उजड़ ज्यागा। गामां मैं कस्ब्यां मैं सत्ता के मलंगां की धींगामस्ती, छीना-झपटी, बेहया किस्म की लूटखोरी का आलम चारों कान्ही सै। हफ्ता वसूली, हेरा-फेरा अर रिश्वतखोरी की गैल अय्यासी मैं डूबी सत्ता की पतनशील राजनीति हरियाणा की इस तबाही का रोजाना जश्न मनावै सै। लोकराज का यो भी एक रूप सै अक लोकलाज की चादर बगा कै धड़ल्ले तै बेलगाम हो कै राज चलाओ।
कविता बोली - सत्ते नै सही बात कही। गुंडे, हत्यारे, तस्कर, भूमाफिया चलावण आले बिल्डर्स, ठेकेदार, कमीशन खोर, भ्रष्ट अफसर, व्हीलर डीलर अर नीचै पंचायत लुग हराम की कमाई पै पलण आले दूसरे गुर्गे, भाई-भतीजे, जात-गोत के मुखिया जो सब उनकी छत्रछाया मैं मलाई खा-खा कै मोटे होवण लागरे सैं सारे उनकी गेल्यां सैं। फत्ते बोल्या - फेर बी उननै डर सै अक कदे हरियाणा के किसान, मजदूर, खेतीहर, कर्मचारी अर छोटे दुकानदार वोट की कसूती चोट ना मारदें। सविता बोली - फेर देवां किसनै वोट? फत्ते बोल्या - बदल तै जरूर ल्याणी सै इबकै, वोट चाहे काले चोर ताहिं देणी पड़ियो। सविता बोली - न्यूं क्यूंकर एक चोर नै हटा कै दूसरे चोर नै बिठाएं क्यूंकर काम चालैगा? अनिता बोली - ज्यूकर 312 गण्डे कै कनसूआ लागे पाछै पूरे हरियाणा तै खातमा करणा पड़या था न्योंए इन चोरां की राजनीति का खात्मा तो करना बहोत जरूरी होग्या। यू खरणा तो बदलणा पड़ैगा। नया खरणा टोहना पड़ैगा। पीस्से आल्यां की पार्टी बहोत देख ली ईब तै इसी पार्टी देखनी पड़ैंगी जो म्हारे दुख-सुख मैं, म्हारी बीमारी मैं, म्हारी गेल्यां रहन्ती हों। उनकी ताकत बढ़ानी पड़ैगी अर ज्यूकर केंद्र मैं डाकू ताहकै छोटे चोर जनता लियाई अर उनके लगाम घालण ताहिं वामपंथ नै बी जिता ल्याई, कोए इसा ए सा जुगाड़ आड़ै भी देखणा पड़ैगा। पांच-च्यार लगाम कसणिया भी हमनै विधानसभा मैं भेजणे पड़ैंगे। चोरों मैं भी सारे एकसे कोन्या, देखना पड़ैगा कि बदल खातर कोण जीत सकै सै उसनै बणावां।
फत्ते बोल्या - ये पोलिटिशियन अपने आप नै घणे तीस मारखां समझैं सैं ना तो इननै इस बात का बी बेरा होवणा चाहिए अक जनता बी ईब खूब स्याणी होरी सै। खूब सोच-समझ कै वोट गेरेंगी। कई साल पहलम की बात सै जिब चौ. रणबीर सिंह का बडला छोरा खड़या था, बाबा मस्तनाथ के बाबा जी खड़े थे अर हरीचंद हुड्डा किलोई तै खड़े थे। रोहतक तै कप्तान की कार मैं बैठदा, बोहर अस्थल जा कै हलवा बाबा का खान्दा अर भालौट धोरै कार मैं तै उतर कै न्यों कैहन्दा - कार किसे की, हलवा किसे का अर वोट किसे की। कविता बोली - जनता अपने गाम की, अपने मोहल्ले की, अपने शहर की, अपनी सुरक्षा की बातां पै जरूरतां पै बात करै उम्मीदवार तै, अर सोच समझ कै वोट दे म्हारा तो योहे कहणा सै। सत्ते बोल्या - जनता इतणी स्याणी होन्ती तो फेर के कैहणे थे। सविता बोली - संसद के चुनावां मैं के आपां गये थे जनता नै बतावण ताहिं। ना किसे और नै बताया तामिलनाडू अर आंध्र प्रदेश मैं जाकै अक हरियाणा मैं सूपड़ा साफ करैगी जनता। पूरे देश की जनता जनार्दन ने पूरी तरियां सोच-समझ कै संसद के चुनाव मैं बदलाव ल्याया था जो यूपीए के तहत काम करै सै। मेरै पूरा यकीन सै अक हरियाणा की जनता आड़ै बी सही सोच-समझ कै इस मौके पै भी आपणे वोट की सही चोट करैगी।
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