शनिवार, 15 जुलाई 2017

बुश दादा सुणिए

बुश दादा सुणिए
बुश दादा म्हारे कान्ही की राम राम तनै। मनै बहोत बिचार करया अक लिखूं अक ना लिखूं? फेर दिल कोन्या मान्या। दिल नै गवाही दी अक खुल्ली चिट्ठी ना तै गोपनीय चिट्ठी लिख दी जा फेर लिखना जरूर चाहिए। मेरी थारे तै हाथ जोड़ कै बिनती सै अक और किसे नै या चिट्ठी मतना दिखाइयो। पाछली बरियां कश्मीर विधान सभा पै बार-बार हमले (आतंकी) हुए तो हमनै थारे ताहिं जो खत लिख्या था उसनै लेकै म्हारे विपक्ष नै म्हारी खाट खड़ी करण मैं कसर कोन्या छोड्डी। कै तो इस विपक्ष नै थारे जाथर का कोनी बेरा अर कै ये म्हरी थारे कान्ही की जो श्रद्धा भक्ति सै उसनै देख कै ये जलैं सैं। जलें जांगे। इनका काम तो बस जलना ए सै। फेर दादा तों यकीन राख इनके जलण तै म्हारी भक्ति मैं कसर नहीं आवैगी, ले मनैं राम की सूं। फेर एक बात सै ज्यूकर राम जी अपने भक्तां का ख्याल राखैं सैं न्यांेए तमनै म्हारा भी ख्याल राखणा चाहिये। इसा लागै सै जणों पाछले कुछ दिनां तै थाम म्हारे तै नाराज सो। उल्टा बख्त तै हमनै थारी बहोतै घणी जरूरत सै। माड़े बख्त सैं म्हारे, हम देखैं सैं साहरे थारे। दादा तमनैं बेरा सै अक इस बख्त राहु अर केतु सारे म्हारी कुण्डली मैं कट्ठे होरे सैं। घणे कष्ट मैं सां हम। थामनै बेरा सै अक मंदिर आले उत्तर प्रदेश मैं अर साथ की साथ पंजाब मैं लैक्शन आगे। पंजाब की तो देखी जागी उड़ै तो घणे तै घणा योहे होवैगा अक कांग्रेस हटकै आज्यागी अर उसकी आपां नै घणी चिंता कोन्या। फेर उत्तर प्रदेश मैं तो म्हारै पसीने आरे सैं। दादा तमनै तो बेरा ए होगा अक म्हारे इन विपक्षी दुष्टां नै गलजोट कर लिया अर लोक मोर्चा बणा लिया। इतनै मैं एक कोन्या बात थमती दिखाई देन्ती। पिछले पांच साल मैं जो म्हारे याड़ी थे वे भी म्हारे चहोंटकी भरण लागरे सैं। हमनै तीन-तीन मुख्यमंत्री बदल कै देख लिये फेर ये विपक्षी पां नहीं टिकण देन्ते। अर याड़े की जनता भी नहीं सुधरी। हमनै इस जनता  खात्तर कै नहीं कर्या पर या या जनता हमनै झूठा कहवै सै। जनता कहवै सै अक राम के नाम पै हमनै जनता बेवकूफ बणादी अर कानून व्यवस्था टाण्ड पै धरदी। यो लैक्शन जीतना मुश्किल लागै सै। जनता नै ईब के कैहकै भकावां? पहलमैं हजारां वादे कर लिये थे पूरा कोए कर नहीं पाए। मुश्किल तै संसद पै आतंकवादियां के हमले नै राह काढ्या था। हमनै लोकसभा मैं आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया। हमनै अपणे दम पै आतंक का खात्मा करण की घोषणा कर दी। यो तै पाछै बेरा लाग्या अक गल्ती होगी। हमनै दादा थारे साहरै इसतै निपटण की घोषणा करनी चाहिए थी। इस गल्ती की सजा थामने म्हारे ताहिं संयम बरतन की बात कैहकै दे दी। हम सोचां थे हमला करकै उत्तर प्रदेश का लैक्शन आगे नै सरका ल्यांगे। फेर थारी या सजा घणी महंगी पड़दी दीखै सै दादा।
हमनै दादा थारा हरेक हुकम माण्या सै। थामनै काठमांडू मैं परवेज मुशर्रफ तै हाथ मिलावण का इशारा करया, हमनै मिला लिया। थामनै कह्या अक पोटो जारी करद्यो, हमनै कर दिया। थामनै हुकम दिया अक अपणी सरकारी पूंजी सेठां ताहिं बेच द्यो, हमनै बेच दी अर बेचण लागरे सां। थामनै कह्या छंटनी करो, हमनै हजारां लोग नौकरी पर तै ताह दिये। थामनै कह्या किसानां की सब्सिडी खत्म करद्यो, हमनै करदी। फेर दादा ईब एक बात तो म्हारी बी सुणले अक हमनै यो संयम तोड़ण की इजाजत दे दे। असल मैं हम म्हारी सीमा पै अपणी सेना खड़ी करगे, ईब उल्टी के कैहकै बुलावां? घणे नहीं तो थोड़े से तोप के गोले फोड़ण की, टैंकां नै हरकत मैं आवण की अर हजार पांच सौ जवान तै कम तै कम शहीद करावण की इजाजत दे दे। बस इसमैं ए म्हारा बी अर थारा बी बेड़ा पार होज्यागा। थारी कंपनियां नै नये ताबूत बनावण का आडर मिल ज्यागा अर कंडम हुआ औड़ गोला बारूद जो थारै धोरै सै उसने हम खरीद ल्यांगे। दादा एक बै इजाजत दे दे। म्हारे चेले चांटे युद्धोन्माद का जनून जनता के सिर पै चढ़ावण लागरे सैं। थारे हुक्म की देर सै। युद्ध के कारण जनता बाकी सब किमै भूल ज्यागी। यू.पी. अर पंजाब का लैक्शन बी।
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