गाय की अपील
************
,,,, मुनेश त्यागी
आज मैं बाजार में घूम रहा था। चारों तरफ कोरोना को लेकर चर्चा थी। कोई सरकार को भला बुरा कह रहा था, कोई लोगों की गंदगी फैलाने की आदतों को दोष दे रहा था।
तभी एक गाय दुखी मन से वहां आई। उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे। मैंने पूछा बहन क्या हुआ? तो वह जोर जोर से रोने लगी और उसने कहा कि लोग मुझे लेकर पता नहीं क्या-क्या अनाप-शनाप समाज में फैला रहे हैं, कुछ लोग कह रहे हैं कि मेरे गोबर और मूत्र से कोरोना का इलाज हो जाएगा। मैं यह सब देख सुनकर बहुत दुखी हूं और मेरा मन बहुत परेशान हो रहा है, केवल आप ही हैं जिसने मेरे से पूछा कि मैं उदास क्यों हूं?
मैं उसकी बात बड़े ध्यान से सुन रहा था तब उसने मेरे से एक रिक्वेस्ट की कि मैं जाऊं और मीडिया में यह स्टेटमेंट गाय की तरफ से दूं जिसमें उसने कहा था कि,,,,
"कोरोना के इलाज में मेरा कोई दूर-दूर का नाता नहीं है, मूत्र या गोबर से कोरोना कभी भी ठीक नहीं हो सकता, समाज में ऐसी बातें फैलाने वाले मेरे दुश्मन है उनकी बातों पर कोई विश्वास ना करें, मैं भी जनता से अपील करती हूं कि,,,,
,,वह अपने हाथ साबुन से धोते रहें,
,,भीड़भाड़ के इलाकों में ना जाएं,
,,सैनिटाइजर का यूज करें,
,,छींकने और खांसने पर मास्क रुमाल का प्रयोग करें,
,, दूसरों से व्यवहार में सावधानी बरतें और दूसरों से भी कहें कि वे भी सावधानी बरतें,
,,तमाम तरह की अफवाहों से बचें और
,,समाज में बिना मतलब का खौफ और डर पैदा ना करें
और मेरा नाम लेकर कोरोना का इलाज करने का इल्जाम लगाने वाले ना तो मेरे दोस्त हैं ना समाज के। यह मेरे भी दुश्मन है और समाज के भी सबसे बड़े दुश्मन हैं, इन सभी दुश्मनों से सावधान रहें और समाज को भी सावधान करें।"
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें