सोमवार, 13 फ़रवरी 2023

राजेश अत्रेय

 Rajesh Atreya: नमस्ते. यदि मैं दूसरों में हमेशा अच्छाई ही ढूंढता हूँ और उन्हें अपनाता भी हूँ तो मैं लगभग सबसे आगे निकल जाता हूँ.

नमस्ते. यदि हर स्थिति में मेरे मन में शान्ति रहती है तो मैं उस स्थिति में हूँ जहाँ कि दूसरे कल्पना भी नहीं कर सकते.

हमें हर छोटी से छोटी बात पर भी विश्वास पात्र बनना चाहिए.

नमस्ते. परिवार के सम्बन्घ सबसे अधिक कीमती होते हैं. उनका सम्मान कीजिए.

नमस्ते. एक खुश व्यक्तित्व, अपने और दूसरों के घाव भरने में बहुत मदद करता है.

नमस्ते. अच्छे स्वास्थ्य के लिए अच्छे मित्र बहुत ज़रूरी हैं और अच्छे जीवन के लिए अच्छा स्वास्थ्य ज़रूरी है.

 नमस्ते. मैं हमेशा सकारात्मक और आत्मबल बढ़ाने वाले व्यक्तियों के साथ रहना चाहता हूँ.

नमस्ते. मेरा अपने दिमाग और अपने मुंह पर नियंत्रण होना चाहिए और इन दोनों में भी सामंजस्य होना चाहिए.

नमस्ते. जो समय मैंने अपने लिए खर्चा, वो गया. जो मैंने दूसरों को दिया वो अभी भी मेरे पास है.

नमस्ते. कुछ चाहने और परमात्मा से प्रार्थना करने में बहुत बड़ा अंतर है और वो है... आस्था.

नमस्ते. आत्मशक्ति की परिभाषा "कोशिश करना" नहीं, बल्कि "करना" है.

नमस्ते. दबाव पड़ने पर हमारे भीतर से वही निकलता है जो वास्तव में हमारे भीतर है. जैसे किसी भी फल को दबाने से उसका असली रस ही बाहर निकलता है.

नमस्ते. यदि मुझे खुद पर भरोसा नहीं है तो मैं हमेशा कोशिश ना करने के बहाने ही ढूंढूगा.

नमस्ते. कोई भी महान उपलब्धि तब तक याद रखी जाती है जब तक कोई दूसरी उपलब्धि नहीं हो जाती.

नमस्ते. सच को कहने ही नहीं बल्कि सुनने के लिए भी बहुत साहस चाहिए.

नमस्ते. जो काम मुझे महीने के अंत तक करना है उसके लिए महीने का अंत आने की प्रतीक्षा क्यों करूं?

नमस्ते. एक दिन भर का काम एक घंटे की चिंता से कम थकाऊ होता है.

नमस्ते. हमारा काम हमारी पहचान होना चाहिए.

नमस्ते. यदि मैं सही चीज़ों पर ध्यान नहीं दूंगा तो मेरा जीवन खराब होगा ही होगा.

नमस्ते. दयालुता बहुत शक्तिशाली, तेज़ी से फैलने वाली और व्यक्ति में परिवर्तन लाने वाली वस्तु है.

नमस्ते. अपने डर के कारण कोशिश करना बंद मत कीजिए.

नमस्ते. ये एक सच्चाई है कि हमारा स्वास्थ्य ही हमारा एकमात्र सच्चा मित्र है. यदि ये एक बार साथ छोड़ दे तो बाकी भी धीरे धीरे साथ छोड़ देते हैं.

नमस्ते. परमात्मा से प्रार्थना करना कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसका इस्तेमाल सबसे आखिर में किया जाए.

नमस्ते. सफलता छोटी नहीं बल्कि एक लम्बी दौड़ है.

 नमस्ते. अपने जीवन को पूरी सत्यनिष्ठा से जियें. यह आने वाली पीढ़ी को अवश्य प्रभावित करेगा.

नमस्ते. हार के बारे में बात मत कीजिए. इसकी बजाए आशा, विश्वास, आस्था और विजय की बात कीजिए.

नमस्ते. जो अपनी गलतियाँ स्वीकार नहीं कर सकता वो कभी सफल नहीं हो सकता.

 नमस्ते. उस पर ज़्यादा ध्यान मत दो कि आप कहाँ थे, उस पर ध्यान दो कि अब कहाँ हो और उस पर पूरा ध्यान दो जहाँ पहुँच सकते हो.

नमस्ते. अपने दिल को साफ़ और सच्चा रखिए क्योंकि दिल वो झरोखा है जिसमें से आप दुनिया को देखते हो.

नमस्ते. दूसरों के प्रति आभार प्रकट करने में मेरा पूर्ण विश्वास है. इससे मैं विनम्र होता हूँ और मुझे बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है.

नमस्ते. परिवर्तन तकलीफ नहीं देता बल्कि परिवर्तन को स्वीकार ना करना तकलीफ दायक होता है.

नमस्ते. अपनी इच्छा शक्ति को क्रियात्मक बनाने के तीन उपाय....1. एक ऐसे काम को चुनें जिसे आपने पहले नहीं किया हो और उसमें सफल होने का दृढ़ निश्चय करें. *(शेष दो उपाय आने वाले दिनों में)*

नमस्ते. उपाय नं. 2. आश्वस्त हो लें कि जो काम चुना है वो रचनात्मक और व्यावहारिक है, फिर उसकी असफलता के विचार को पूरी तरह त्याग दें.

नमस्ते. उपाय नं. 3. एक उद्देश्य पर ही एकाग्र रहें और शेष सभी योग्यताओं का इस कार्य की पूर्ति के लिए प्रयोग करें.

नमस्ते. सफलता का बीज बोने के लिए असफलता का मौसम उत्तम समय है.

नमस्ते. एक सफ़ेद झूठ आपकी प्रतिष्ठा पर एक कालिख लगा जाता है.

नमस्ते. सच हमेशा झूठ से ऊपर होता है जैसे तेल की एक बूँद हमेशा पानी के ऊपर ही होती है.

नमस्ते. यदि आपको झूठ बोलने की आदत है तो आपके सच को भी झूठ ही माना जाएगा.

नमस्ते. झूठ से हमारी आस्था अंधी हो जाती है और अंध आस्था के साथ हम कहीं नहीं पहुँच सकते.

नमस्ते. हमें अपने बारे में सब कुछ सच सच पता होता है इसलिए कभी भी अपने आपको धोखा देने की कोशिश मत करना.

नमस्ते. आधे प्रयासों से आधे परिणाम नहीं बल्कि कोई भी परिणाम नहीं मिलता.

नमस्ते. जिसकी जैसी प्रकृति है उसके साथ उसी के अनुसार व्यवहार करने पर आप तनाव रहित और शांत रह सकते हो.

नमस्ते. खुश होइए कि आप दूसरों जैसे नहीं हैं. इसी से आप आराम से रह सकते हो.

नमस्ते. जीवन को जितना हो सके साधारण रखिए इसी से आप तनाव रहित रह सकते हो.

नमस्ते. आप चाहे ये सोचें कि आप इस काम को कर सकते हैं .. या ये कि आप नहीं कर सकते... आप दोनों जगह ही ठीक हो.

नमस्ते. बुराई करने वालों की चिंता मत करो. उन्हें कहीं भी पसंद नहीं किया जाता. उनके आज तक दुनिया में कहीं भी स्मारक नहीं बने.

नमस्ते. अपने आप से प्रेम करके, स्वयं को स्वीकार करके ही दूसरों से प्रेम किया जा सकता है.

नमस्ते. जब तक आप स्वयं नियम बनाने की स्थिति में नहीं पहुँच जाते, तब तक बने हुए नियमों का ही पालन कीजिए.

नमस्ते. हर विजेता कभी ना कभी नौसिखिया ही था.

नमस्ते. किसी की सफलता पर ईर्ष्या करना सही नहीं है. आपको नहीं पता उसने अपना सफर कैसे तय किया है.

नमस्ते. आपकी असंख्य समस्याएं हो सकती हैं. पर सिर्फ आप और केवल आप ही उनका उचित हल ढूंढ सकते हैं.

नमस्ते. आपकी समस्याएं चाहे जैसी भी और जितनी भी हों, यदि मैं आपसे अपनी समस्याऐं देकर आपकी लेना चाहूं तो यकीनन आप इंकार कर देंगें.

 नमस्ते. संसार की कोई भी समस्या जीवन से बड़ी नहीं हो सकती. जीवन रहेगा तो समस्याओं का हल भी मिलेगा.

नमस्ते. आप अपनी समस्याओं से भाग नहीं सकते, वे आपका पीछा नहीं छोड़ेंगी. पर जब आप उनका सामना करने का निर्णय लेंगें तो वे अपने आप समाप्त होने लगेंगी.

 नमस्ते. जीवन का कोई भी सफर कठिनाइयों के बिना पूरा नहीं हो सकता. इसलिए उन्हें स्वीकार करना और उन्हें दूर करना शुरू कीजिए.

नमस्ते. आपके संवाद में आपके शब्दों से ज़्यादा आपकी आवाज़ की टोन और आपकी शारीरिक भाषा महत्वपूर्ण होती है.

नमस्ते. जीवन में सफल व्यक्ति वही हैं जिन्होंने दूसरों को ज़रूरत के अनुसार दिया भी और किसी की गलती पर उसे माफ़ भी किया.

नमस्ते. प्रत्येक दिन जीवन में एक उपहार लेकर आता है. सकारात्मक सोच के साथ उसे खोलिए और मज़ा लीजिए.

नमस्ते और लोहड़ी की शुभकामनाएं. जब हम अपने ऊपर विश्वास रखते हैं तो वास्तव में हम उस शक्ति में विश्वास रखते हैं जिसने हमें बनाया.

नमस्ते एवं मकर सक्रांति की शुभकामनाएं. . हम अकेले सारे काम बेहतरीन तरीके से नहीं कर सकते. इसीलिए समाज की स्थापना की गयी है.

नमस्ते. काम की गुणवत्ता ज़्यादा महत्वपूर्ण है नाकि संख्या या मात्रा.

नमस्ते. हमारी कमियां कभी ना कभी दिखाई दे ही जाती हैं. उन्हें छिपाने की बजाए उन पर विजय पाने का प्रयास करें.

नमस्ते. हमें अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनना भी सीखना चाहिए.

नमस्ते. समस्याएं भी बच्चों की तरह होती हैं उन्हें जितना ज़्यादा पालते पोसते रहोगे, वो बढ़ेंगी ही.

नमस्ते. कोई भी आपके दर्द सुनना नहीं चाहता पर अपने ज़रूर बताना चाहता है.

नमस्ते. एक सत्यनिष्ठ व्यक्ति कभी भी ना तो धोखा देता है नाही गलत राह दिखाता है. तो फिर क्यों ना वैसा ही बनने का प्रयास किया जाए?

नमस्ते. जब भी संभव हो हंसिए. यह लगभग सभी बीमारियों की सबसे सस्ती दवा है.

नमस्ते. चुनौतियां हमें मजबूत एवं दृढ़ संकल्पी बनाती हैं.


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